फर्जीवाड़े के लिये ब्रैम्पटनवासी को सज़ा
रोज़गार के जाली अवसर प्रदान करने वाली एक फर्जी कंपनी के भागीदार, एक ब्रैम्पटन निवासी व्यक्ति को 12 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है।
36 वर्षिय ओलुफेमी ओलुतुंडे पर 5,000 डॉलर की धोखाधड़ी सिद्ध हुई है और उन्होने यह कबूल किया है कि वेस्टर्न यूनियन की विभिन्न शाखाओं से उसने झूठे नामों और पतों का इस्तेमाल करके 4,60,000 डालर निकाले हैं।
इस कांड में कैनेडियन नागरिक उसके शिकार बने। नागरिकों ने समाचार पत्रों में पढ़कर या ऑनलाइन इस कंपनी के लिये आवेदन दिया। चुने जाने पर उन्हें एक चेक पकड़ा दिया जाता था और उन्हें बैंक से उस राशि को निकालकर तुरंत निर्देशित पते पर वेस्टर्न यूनियन के द्वारा भेजने को कहा जाता था। इस जालसाजी के शिकार अधिकांश लोगों को कहा गया था कि वे वेस्टर्न यूनियन के "गुप्त ग्राहक" बनकर उसकी कार्यक्षमता का आंकलन कर रहे हैं। कुछ लोगों से कहा गया था कि उन्हें विदेश स्थित किसी मनगढ़ंत कंपनी के लिये पेमेंट प्रोसेसर के तौर पर काम करने के लिये रखा गया है। पीड़ितों से कहा गया था कि उन्हें कंपनी के नाम पर धन लेना है और उसे निर्देशित पते पर भेज देना है। दिये गये सभी चेक जाली होते थे और इसका शिकार व्यक्ति अपने खाते से निकाले धन के लिये बैंक के प्रति देनदार हो जाता था। पीड़ितों को 1,900 डॉलर से 18,000 डॉलर के बीच की चपत लगी है। सुपीरिअर कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुकदमे को हल करने में मदद करने वाले 14 पीड़ितों के बीच 23,000 डॉलर की राशी बांट दी जाये। कई शिकायतों के मिलने के बाद कॉम्पीटीशन ब्युरो ने इस घोटाले को उजागर किया था। अप्रैल 2008 में इसकी छानबीन शुरू की गई और सितंबर 2008 को ओलुतुंडे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अन्य व्यक्तियों की भी गिरफ्तारी हुई है जिसमें से तीन अभी सुनवाई का इंतज़ार कर रहे हैं ।


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