
 ओंटेरियो मे ऑनलाइन जुए को मान्यता मिल सकती है
--टोरोंटो - प्रीमियर डॉल्टन मैग्युंटी इंटरनेट गैम्बलिंग को ओंटेरियो में अनुमति देने के पक्षधर दिखाई दे रहे हैं।
ओंटेरियो लॉटरी और गेमिंग के नये अध्यक्ष पॉल गॉडफ्रे चाहते हैं कि अच्छे खासे राजस्व को अन्य राज्यों में जाता देखते रहने से तो अच्छा है कि राज्य सरकार ओंटेरियो में इंटरनेट गैम्बलिंग को मान्यता दे ।
क्युबेक ने ऑनलाइन जुए को अनुमति देते ब्रिटिश कोलंबिया और अटलांटिक लॉटरी निगमों में शामिल होने की योजना की घोषणा की है।
मैग्युंटी का कहना है कि ऐसे या वैसे ओंटेरियो को एक दिन इसे मान्यता देनी ही पड़ेगी साथ ही साथ उन्होंने कहा की उन्हें खुशी है की यह मुद्दा उठाया तो गया ।
मैग्युंटी ने कहा कि जिस तरह से शराब की बिक्री पर नियंत्रण किया जा सकता है उस तरह ऑनलाइन जुए की उपलभ्धता पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता ।
विपक्ष का कहना है कि युवाओं को इससे बचाने के लिये राज्य सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिये ।
राज्य सरकारों को जुए की लत
कैनेडा की प्रांतीय सरकारें जुए को राजस्व जुटाने का चोखा धंधा मानकर उसमें भागीदारी बढ़ा रही है।
कैनेडा की कई प्रांतीय सरकारें जुए की भयंकर आदी हो चुकी है। दरअसल, अधिकांश प्रांत राजस्व के लिए राज्य संचालित लॉटरियों और जुए के धंधे पर बुरी तरह आश्रित है और यह सोचना भी असंभव है कि वे उन्हें छोड़ देंगे।
अन्य तमाम व्यसनों की तरह यह भी बहुत बुरा है, क्योंकि जुए से जो पैसा आता हैं, वह कई परिवारों की बर्बादी की कीमत पर आता है। ऎसे में क्यूबेक, ब्रिटिश कोलंबिया और अटलांटिक प्रांतों द्वारा इस धंधे में अपनी भगीदारी बढ़ाने का फैसला और भी निराशाजनक है। इसके लिए वहां की सरकारें ऑनलाइन जुए मे अपनी राह बनाएंगी।
क्यूबेक के अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य महज व्यापक ऑनलाइन जुए के बाजार को नियंत्रित करना है।
यह सच है कि ऑनलाइन जुआ हर उस व्यक्ति के लिए उपलब्ध है जो खेलना चाहता है, लेकिन इस लाभदायक धंधे में पैसों की खातिर किसी न किसी बहाने से उतरना बेहद घृणास्पद है। कैसिनो का एक फायदा यह होता है, लेकिन ऑनलाइन जुए में किसी भी तरह का नियमन लगभग असंभव है।
ऎसे में नैतिकता का यह सवाल तो उठता ही है कि आखिर सरकार को लोगों की परेाशानियां बढ़ाकर राजस्व जुटाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है। भले ही यह राजस्व शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च होगा, लेकिन क्या इसकी कीमत हजारों लाखों परिवारों को नहीं चुकाना होगी??