टोरांटो 18 के आरोपी को एक दिन की सज़ा
टोरांटो 18 केस में एक और सुनवाई में शुक्रवार को स्कार्बोरो निवासी जमाल जेम्स नामक परिवर्तित मुस्लिम ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। ब्रैमप्टन की एक अदालत ने जेम्स को सात साल और सात महीने जेल की सजा सुनाई है लेकिन जून 2006 से अब तक उसके जेल में बिताये समय के कारण उसकी सज़ा सुनवाई के समय ही पूरी हो चुकी थी। इसे देखते हुये उसे एक दिन की सज़ा सुनाई गई है।
तथ्यों पर आधारित बयान के आधार पर जेम्स ने 5 नवंबर 2005 को पाकीस्तान गया था, जहाँ उसे वज़ीरिस्तान में अलक़ायदा संचालित किसी आतंकवादी कैंप में अर्धसैनिक प्रशिक्षण प्राप्त करना था । उसे यकीन था कि ब्रिटिश नागरिक आबिद खान उसे लाहौर में लेने आयेगा। जेम्स के अनुसार आबिद उससे मिलने नहीं आया और उसकी तबीयत भी इस दौरान खराब हो गई थी जिसके कारण वह प्रशिक्षण नहीं ले सका था।
आबिद खान ने कई देशों का दौरा किया है और इस दौरान वह कैनेडा भी कई बार आ चुका है। आबिद अभी ब्रिटेन में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त पाये जाने के कारण 12 साल की कैद भुगत रहा है।
22 मार्च 2006 को जब जेम्स वापस टोरांटो पहुँचा तो वह अपने दल की कार्यप्रणालियों से नाराज़ हो गया और बाद में पुलिस के डर से वह इस दल से अलग हो गया था।
ज्ञान का भूखा
बचाव पक्ष के वकील डॉनल्ड मैक्लॉड ने जेम्स को ,एक ज्ञान के भूखे धर्म परिवर्तित मुस्लिम, करार दिया है। वकील ने कहा, "वह एक उत्साही युवा है और उसके गलत संग के कारण उसके विचारों में हिंसक गतिविधियां भी शामिल हो गई थी। लेकिन यहाँ से वह एक नये व्यक्ति की तरह बाहर जायेगा। उसका अपने धर्म के प्रति गहरा लगाव है लेकिन अब वह एक नई जिंदगी शुरू करने जा रहा है जिसमें हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है।"
जेम्स ने धर्म परिवर्तन के द्वारा क्रिश्चियन धर्म को त्याग कर मुस्लिम धर्म को अपनाया है।
जेम्स को अदालत ने एक दिन की सज़ा के अतिरिक्त तीन साल तक निगरानी में रहने की सज़ा सुनाई है। जेम्स को किसी भी प्रकार के हथियार रखने की मनाही है और उसे अपना डीएनए नमूना भी अदालत में जमा कराना होग
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