
 लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
श्रद्धालुओं ने इलाहाबाद पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई। .... सूर्य ग्रहण के साथ कुम्भ मेले के दूसरे स्नान के दिन हरिद्वार में हरकी पैडी सहित विभिन्न घाटों पर कई लाख लोगों ने गंगा में स्नान किया। मौनी अमावस्या के साथ सूर्यग्रहण के दुर्लभ संयोग पर गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान के लिए शुक्रवार को लाखों श्रद्धालुओं ने इलाहाबाद पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई।
सूर्य ग्रहण शुरू होने से पूर्व तडके से ही स्नानार्थियोंका रेला हरकी पैडी की तरफ रवाना होना शुरू हो गया था। ग्रहण से पूर्व भी गंगा घाटों पर लोगों ने भारी तादात में स्नान-दान किया। दोपहर लगभग 11बजे के बाद स्नानार्थीयोंका हरकी पैडी की ओर आने का क्रम कम हो गया। सूर्य ग्रहण शुरू होने के साथ ही लोगों ने भारी संख्या में हरकी पैडी की सीढियों पर बैठकर भजन तथा मंत्र जाप करते हुए कई घंटों तक ग्रहण समाप्त होने का इन्तजार किया।
गुरुवार को मकर संक्रंातिसे ही सुरक्षा उपायों के तहत इस क्षेत्र में सभी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। संगम तक पहुंचने के लिए लोगों को कई मील पैदल चलना पडा। आसमान में छाए बादलों ने ठंड के मौसम में दिक्कतों को और बढा दिया। लेकिन श्रद्धालुओं पर इसका कोई असर नहीं पडा और उन्होंने संगम समेत अन्य घाटों पर पवित्र स्नान किया।
मौनी अमावस्या होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या उल्लेखनीय रूप से ज्यादा रही क्योंकि इस अवसर पर स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि सूर्यग्रहण के दौरान लगभग बीस लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गई जो सूर्यग्रहण के दौरान लगभग तीन घंटे तक बंद रहे। संगम के आसपास सुरक्षा के कडे इंतजाम किए गए थे।
उधर, वाराणसी में मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या एवं सूर्यग्रहण के अवसर पर सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड उमड पडी और दोपहर तक दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई तथा विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन किया।