
 जर्मनी को हराकर स्पेन फायनल मेँ

अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरूआत में स्वीट्ज़रलैंड जैसी कमजोर टीम से हारने वाली स्पेन ने सेमीफायनल में तीन मैचों में चार > चार गोल दागने वाली जर्मनी को 1 > 0 से हराकर फायनल में कदम रखा है जहाँ उसका मुकाबला नीदरलैंड से होगा.
फीफा वर्ल्ड कप 2010 में इंग्लैंड और अर्जेंटीना जैसी खिताब की दावेदार मानी जा रही टीमों के खिलाफ चार > चार गोल दागने वाली जर्मनी की टीम स्पेन के आगे नौसिखिया साबित हुई. वहीं स्पेन ने जर्मनी को खेल के हर क्षेत्र में मात दी चाहे रक्षण हो या आक्रमण हो या फिर मैदान में गेंद पर नियंत्रण हो.
ये स्पेन का पहला फायनल होगा जो उसे रविवार को हॉलैंड के खिलाफ खेलना होगा.
मैच शुरू होने के पहले सभी खेल पंडितों ने जर्मनी को जीत का दावेदार बताया था. लेकिन खेल देखकर ये लग ही नहीं रहा था कि ये वही जर्मन टीम है जिसने दिग्गज टीमों को धूल चटा दी थी.
मैच की शुरूआत से ही स्पेन ने खेल पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया था और शुरूआती 25 मिनट में 70 प्रतिशत समय तक गेंद स्पेन के पास ही रही और लगभग यही हाल खेल के अंत तक रहा.
खेल के आधे समय तक दोनों टीमें शून्य शून्य पर बराबर थी. नतीजा मैच के 73वें मिनट में निकला. ज़ावी के कॉर्नर पर पुइया का शानदार हेडर और फिर गोल. जर्मन हक्के-बक्के और उनके समर्थक भौंचक्के. लेकिन स्पेन को तो जैसे मन मांगी मुराद मिल गई.
और फिर इसी अंतर पर जीत हासिल करके स्पेन ने पहली बार विश्व कप के फ़ाइनल में जगह बना ली. स्पेन के समर्थक तो उसी समय से जश्न मनाने लगे थे, जब स्पेन ने जर्मनी के ख़िलाफ़ गोल किया.
खेल के खत्म होने के बाद जर्मनी के मिडफील्डर मार्सेल जेंसन ने कहा ,स्पेन एक अलग ही स्तर पर खेल रही थी. उन्होंने एक टीम की तरह आक्रमण और बचाव किया. वे एक संपूर्ण टीम हैं.,