नीदरलैंड की हार की हैट्रीक
रविवार को खेले गए फायनल मुकाबले में स्पेन ने नीदरलैंड को १-० से हराकर फीफा विश्व कप जीत लिया. इस प्रकार १२ वर्षों के बाद विश्व को एक नया विश्व विजेता देखने को मिला.
नीदरलैंड की टीम इससे पहले १९७४ और १९७८ में फ़ायनल खेल चुकी है, लेकिन तब भी उसे जर्मनी और अर्जेंटीना से हार झेलनी पड़ी थी.
जोहानिसबर्ग के सॊकर सिटी स्टेडीयम में लगभग ८५,००० दर्शकों के सामने खेले गए फ़ायनल मुकाबले में दोनों ही टीमों ने फाउलों की झड़ी लगा दी थी. मैच के शुरूआती ५ मिनटों में ही रैफ़री को तीन पीले कार्ड दिखाने पड़े.
विश्व कप फ़ायनल में जिस तरह के तेज तर्रार खेल की खेल प्रेमियों को आशा थी वैसा खेल उन्हें देखने को नहीं मिला. खेल में कुछ गती आए उससे पहले ही फ़ाउल कर खेल की गती कुंद कर दी जाती थी.
गेंद पर नियंत्रण के मामले में जहां स्पेन का दबदबा रहा वहीं फ़ाउल के मामले में नीदरलैंड ने बाजी मारी यहां तक की उसके एक खिलाड़ी को दो बार पीला कार्ड दिखाए जाने के कारण मैदान से बाहर कर दिया गया.
तमाम बाधाओं के बावजूद दोनों ही टीमों को गोल करने के कई बेहतरीन अवसर मिले लेकिन कोई भी उसका फ़ायदा नहीं उठा सका. स्पेन की तरफ़ से विया और रामोस को जबकी नीदरलैंड की तरफ़ से को गोल करने के सुनहरे अवसर मिले लेकिन कोई भी गोल करने में समर्थ नहीं हो सका.
दोनों ही टीमों के गोलकीपरों ने कई शानदार बचाव करते हुए अपनी-अपनी टीमों की विश्वकप उम्मीदों को जिंदा बनाए रखा और निर्धारित ९० मिनट के खेल में एक भी गोल नहीं हो सका.
खेल जब अतिरिक्त समय में पहुंचा और पहले हाफ़ के १५ मिनट में भी कोई गोल नहीं हुआ. दूसरे हाफ़ का खेल शुरू होने के कुछ ही समय पश्चात नीदरलैंड को अपनी फ़ाउल करके स्पेनिश खिलाड़ियों को रोकने की नीती का खामियाजा भुगतना पड़ा और उसके एक खिलाड़ी को दूसरी बार पीला कार्ड दिखाकर ब्रीतानी रैफ़री ने मैदान से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
इसके बाद दस खिलाड़ियों से खेल रही नीदरलैंड की टीम दबाव में आ गई और ११६ मिनट में वो क्षण आया जिसका स्पेन के प्रशंसकों और पूरी टीम को बरसों से इंतजार था. एक बेहतरीन पास इनिएस्टा ने गोल कर स्पेन को १-० से आगे कर दिया.
गोल होने के बाद जहां स्पेन के खिलाड़ी जश्न मनाते दिखाई दे रहे थे वहीं नीदरलैंड की टीम के खिलाड़ी रैफ़री पर झल्लाते दिखाई दे रहे थे जिस कारण उसके एक खिलाड़ी को पीला कार्ड भी दिखाया गया.
नीदरलैंड के लिए बचा हुआ समय खेल में वापसी करने के लिए नाकाफ़ी सिद्ध हुआ और पहली बार सेमीफ़ायनल और फ़ायनल में पहुंची स्पेन की टीम ने विश्वकप जीत लिया.
जर्मनी को कांस्य पदक
जर्मनी ने शनिवार को तीसरे स्थान के लिए खेले गए एक रोमांचक मैच में उरूग्वे को ३-२ से हराकर तीसरे स्थान पर कब्जा कर लिया.
तीन बार के चैंपियन जर्मनी ने स्पेन हाथों मिली हार का गम भुलाते हुए उरूग्वे पर ताबड़तोड़ हमले किए और उरूग्वे ने भी १ गोल से पिछड़ने के बाद पहले बराबरी की और दूसरे हाफ़ में फ़ॊरलेन के चमत्कारिक गोल की बदौलत बढ़त भी हासिल कर ली थी. लेकिन जर्मनी ने इसके बाद वापसी करते हुए लगातार दो गोल ठोंककर उरूग्वे की उम्मीदों पर पानी फ़ेर दिया.
खेल अंत में मिली फ़्री किक पर फ़ॊरलेन द्वारा लगाया गया सटीक शॊट सीधा गोल पोस्ट से जा टकराया और खेल की इस आखिरी किक के साथ ही जर्मनी तीसरे स्थान की हकदार बन गई.
जर्मनी की तरफ़ से थॊमस मूलर ने १९वें, मार्शल जॊन्सन ने ५६वें और खेदिरा ने ८२वें मिनट में गोल दागा जबकी उरूग्वे की ओर से एडिन्सन कैवानी ने २८वें और और डिएगो फ़ॊरलेन ने ५१वें मिनट में गोल किए.