भारत और ओंटेरियो में खनिज समझौता

मग्युंटी सरकार भारत की साझेदारी से ओंटेरियो के खनिज क्षेत्र का विस्तार करेगी

जुलाई ९, २०१० – कल ओंटेरियो सरकार और भारत के खान मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच हुए खनिज क्षेत्र के विकास के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
ओंटेरियो के उत्तरीय विकास, खान और वानिकी मंत्री माइकल ग्रैवेल के साथ मंत्री हरिन्दर तक्खर और एमपीपी अमृत मांगट भी उपस्थित थे। भारत का प्रतिनिधित्व खान मंत्री श्री बिजॉय कृष्णा हैंडिक ने किया।
भारत में इस समय २६०० खुली खानें हैं और भारत के कुल क्षेत्र का केवल ५% खनिज पदार्थों के लिए जाँचा गया है। भारत की बढ़ती अर्थ व्यवस्था के कारण विकास के लिए आवश्यक खनिज पदार्थों की माँग के बढ़ने का पूर्वानुमान है। भारत विदेशी निवेश के लिए दरवाज़े खोल रहा है और कैनेडियन खनिज अन्वेषण और तकनीकी कंपनियों के लिए भारत में भूगर्भीय आंकड़ों की गुणवत्ता को बढ़ाने के अवसर भी बढ़ेंगे।
"यह ओंटेरियो और भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर है," मिसिसागा-ब्रैम्पटन साउथ की एमपीपी अमृत मांगट ने कहा। "भारत के साथ ओंटेरियो के वाणिज्य संबंधों को बेहतर करके हम ओंटेरियो के लिए निवेश के नए अवसरों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं और इससे नई नौकरियाँ पैदा करने में और ओंटेरियो के निवासियों में कौशल विकसित करने के अवसर बढ़ेंगे।
इस समझौते के अनुसार दोनों पक्ष दोनों देशों में व्यापक स्तर पर सहयोग के खनिज क्षेत्र के साझे मुद्दों पर विचार विमर्श करते रहेंगे। इसमें भूगर्भीय विज्ञान विकास, खनिज खनन, खानों का विकास, खानों की पूर्वदशा सुधार, स्वास्थ्य और सुरक्षा इत्यादि सम्मिलित हैं।
ओंटेरियो के उत्तरीय विकास, खान और वानिकी मंत्री माइकल ग्रैवेल ने कहा, "यह समझौता ओंटेरियो और भारत के वर्तमान वाणिज्य संबंधों को दृढ़ करने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है और इससे खनन क्षेत्र में भी कई नए स्तरों पर नए संबंधों का विकास होगा। हमारी ओपन ओंटेरियो योजना के अंतर्गत ऐसे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा जिससे हमारा खनन क्षेत्र फलता फूलता रहेगा, नए रोज़गार पैदा होंगे और भारत जैसे विकासशील देश में हम अपनी सेवाएँ और उत्पादों के बेचने के नए अवसर पाएँगे।"