'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' को अमेरिका में मिला 'गोल्डन ग्लोब्स अवॉर्ड'
New Delhi , Delhi ,  India , Asia   | अपडेटेड: Tuesday, Apr 11, 2017 at 01:59 pm EST

जिस फिल्म को भारतीय सेंसर बोर्ड की हरी झंडी तक नहीं मिल सकी, उसे दुनिया के बेहद प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है | जी हां, हम बात कर रहे हैं, फिल्ममेकर प्रकाश झा की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' की जिसे हॉलीवुड फॉरिन प्रेस असोसिएशन द्वारा चुना गया है | इस फिल्म को लॉस एंजलिस में हुए भारतीय फिल्मोत्सव (आईएफएफएलए) में प्रदर्शित किया गया था जहाँ से इसे हॉलीवुड फॉरिन प्रेस असोसिएशन द्वारा चुना गया है | जिसका मतलब यह है, कि अब इस फिल्म की डायरेक्टर अलंकारिता श्रीवास्तव और प्रोड्यूसर प्रकाश झा इसे इस साल के गोल्डन ग्लोब्स अवॉर्ड्स में एक आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेज सकते हैं |
चार महिलाओं की इस कहानी को दुनिया के कई देशों में हुए फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया जा चुका है और इसे दुनियाभर में काफी तारीफें मिल रही हैं | बता दें कि गोल्डन ग्लोब्स, अमेरिका के सम्मानित टीवी और फिल्म अवॉर्ड हैं जिसे हॉलीवुड फॉरिन प्रेस असोसिएशन द्वारा आयोजित किया जाता है |
भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म पर 'असंस्कारी' होने का ठप्पा लगा दिया था | जिसके चलते यह फिल्म भारत में प्रकाशित न हो सकी | इसके बैन होने की वजह बताते हुए सेंसर बोर्ड ने लिखा था कि यह कुछ ज्यादा ही 'महिला केंद्रित' है |
हालांकि इसके बैन का भारत में काफी विरोध भी हुआ था | फिल्म के प्रोड्यूसर प्रकाश झा ने इस विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, कि यह फिल्म भारत के लोगों की पुरानी विचारधारा के लिए एक झटके की तरह है | 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का एक खूबसूरत फिल्म है, जो समाज के उथले और दमनकारी नियमों को तोड़ती है, जिनके मुताबिक महिलाएं अपनी कल्पनाओं के बारे में खुलकर बात नहीं कर सकतीं | वे जिंदगी को केवल पुरुषों की मानसिकता के अनुसार देखने की आदी हैं और सीबीएफसी के पत्र से यही जाहिर होता है|"



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