सुकमा में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों को शहादत
Bilaspur , Chhatisgarh ,  India , Asia   | अपडेटेड: Tuesday, Apr 25, 2017 at 07:26 am EST

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुई नक्सली वारदात 25 जवानों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. पिछले 5 साल में नक्सली हिंसा की 5960 घटनाएं हुई हैं. इनमें 1221 नागरिक, 455 सुरक्षाकर्मी और 581 नक्सली मारे गए है. नोटबंदी के बाद माना जा रहा था कि नक्सलियों की कमर टूट गई है, लेकिन सुकमा की घटना ने एक बार फिर नक्सल हिंसा को सुलगा दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस की ग्राउंड इंटेलिजेंस कमजोर पड़ती जा रही है.
गृह मंत्रालय से जानकारी मिली है कि साल 2012 से 28 अक्टूबर 2017 तक नक्सली हिंसा के चलते देश में 91 टेलीफोन एक्सचेंज और टावर को निशाना बनाया गया. 23 स्कूल भी नक्सलियों के निशाने पर रहे। साल 2017 में 28 फरवरी तक 181 घटनाएं हुई हैं. इनमें 32 नागरिक मारे गए, 14 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, 33 नक्सली मारे गए. इस साल नक्सलियों ने 2 टेलीफोन एक्सचेंज और टावर को निशाना बनाया.
छत्तीसगढ़ में आईजी एस.आर.पी. कल्लूरी के नाम से नक्सली खौफ खाते हैं. उन्होंने बस्तर रेंज में पिछले दो वर्षों के अंदर कई नक्सल विरोधी अभियान चलाए. इसकी वजह से बड़े पैमाने पर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. कल्लूरी के बारे में बताया जाता है कि वे बेहद सक्रिय अधिकारी हैं. नक्सल विरोधी अभियानों में रात-रात भर पैदल चलकर हिस्सेदारी करते हैं. इस बात की भी चर्चा है कि कल्लूरी को बस्तर से हटाए जाने के बाद नक्सली फायदा उठा रहे हैं.



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